world indigenous day 2021
world indigenous day 2021

9 अगस्त 2021: विश्व मूलनिवासी दिवस 2021 पर संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का संदेश

संयुक्त राष्ट्र ने विश्व के मूलनिवासी लोगों के लिए इस वर्ष के world indigenous day 2021 पर

‘किसी को पीछे नहीं छोड़ना: मूलनिवासी लोगों और एक नए सामाजिक अनुबंध का आह्वान’

की थीम का निर्णय लिया है।

मूलनिवासी(कोयतूर) लोंगो को दुनिया भर में भयंकर हाशिए का और भेदभाव व बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। उपनिवेशवाद और पितृसत्ता में धंसी हुई इन गहन असमानताओं ने मूलनिवासी(कोयतूर) समुदायों के अधिकारों, सम्मान और स्वतंत्रता को पहचानने की स्वीकार्यता को एक भारी प्रतिरोध द्वारा रोक रखा है।

आधुनिक इतिहास के पुरे दौर में, मूलनिवासी(कोयतूर) लोगों से उनकी भूमि और क्षेत्र, उनकी राजनितिक और आर्थिक स्वयत्तता और यहाँ तक की उनके बच्चों की भी लूट हुई है। उनकी संस्कृतियों और भाषाओँ की अवमानना की गई है और उन्हें विलोपित कर दिया गया है।

हाल के महीनों में कोयतूरों को उपनिवेशवादियों के आतंककारी घटनाओं का सामना करते हुए दुनिया ने फिर से देखा है। कुछ देशों ने माफ़ी मांगी, कुछ ने सुलह के सद्प्रयास किए, तो कुछ ने विधायी और संवैधानिक सुधारों के माध्यम से इस जघन्य विरासत को संवोधित करना शुरू कर दिया है। लेकिन अभी और भी बहुत कुछ करने की जरुरत है।

वास्तव में हमें एक नए सामाजिक अनुबंध की आवश्यकता है – जो लंबे समय से वंचित लोंगों के अधिकार, सम्मान और स्वतंत्रता को पुनर्स्थापित करता हो। इसके केंद्र में वास्तविक संवाद, पारस्परिक विचार-विमर्श और सुनने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। ऐसा करने के लिए हमारे पास पहले से ही आवश्यक उपकरण हैं, जिसमें मूलनिवासी(कोयतूर) लोगों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की घोषणा और कोयतूर समुदायों के अन्तराष्ट्रीय सम्मलेन द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ शामिल हैं।

दुनिया के 476 मिलियन कोयतूर लोगों के आत्मनिर्माण और सभी तरह के निर्णयों में सार्थक भागीदारी से इनकार करने का अब कोई बहाना नहीं है। मुक्त, प्रथमत: और सूचित तौर पर अपने दृष्टिकोण से विकास का प्रयोग करने की सहमति कोयतूर समुदायों के लिए केंद्रीय मुद्दा है।

और जब विशेष रूप से जलवायु और जैव विविधता संकट को हल करने और संक्रामक रोगों के उभार को रोकने में कोयतूर कोया पूनम ज्ञान के महत्त्व की मान्यता बढ़ी है, हमें यह जरुर सुनिश्चित करना चाहिए की इस ज्ञान का स्वामित्त्व उनके पास ही हो और वह स्वयं उन्ही के द्वारा साझा किया जाए।

संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था को इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। इस विश्व मूलनिवासी दिवस पर दुनिया भर में मूलनिवासी(कोयतूर) लोगों की गंभीर असमानताओं को समाप्त करने के लिए, उनके द्वारा सहे गए दुर्व्यवहार को महसूस करने और उनकी जानकारी और ज्ञान का जश्न मानाने के लिए, आइए हम काम करके सच्ची एकजुटता दिखाएं।


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