Dr-Babasaheb-Ambedkar-and-his-signature
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  1. “रुपया” का उपयोग बंद करे क्योंकि बाबासाहेब ने “दी प्रॉब्लम ऑफ द रूपी-इट्स ओरिजिन एंड इट्स सोलुशन” बुक के सिद्धांतो पर “रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया” का गठन किया है । सारी बैंकिंग सर्विसेज क्रेडिट कार्ड, लोन, फिक्स डिपाजिट आदि उपयोग करना बंद कर दो ।

2. आफिस मे 16 घंटे काम करो क्योंकि बाबासाहेब की देन “लेबर लॉ” के जरिये कर्मचारी को 8 घंटे से ज्यादा काम न करेने के नियम बनाये थे ।

3. बाबासाहेब ने शुरू सैलरी में TA, PF, DA, HRA और ESI वो नहीं मिलनी चाहिए था ।  

4. लड़कियों को पिता की संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं मिलेगा क्योंकि बाबासाहेब ने उन्हें वह अधिकार दिया था।

5. हिन्दू पुरुष एक से अधिक महिलाओं को नहीं रख सकता। बाबासाहेब का विरोध जो लड़की करती है उसे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

6. डैम का पानी पीना बंद करें। बिजली का उपयोग बंद करें क्योंकि पानी का अधिकार बाबासाहेब ने दिलाया।

7. अप्रैल को ऑफिस जाओ छुट्टी मत लो। घर पर आराम क्यों कर रहे हो जब अंबेडकर इसके खिलाफ है, तो उनके नाम पर छुट्टी न लें।

8. निजी कंपनियां और कारखाने बंद हो गए क्योंकि बाबासाहेब ने “निजीकरण, उदारीकरण और औद्योगीकरण” की शुरुआत की।

9. फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप इत्यादि जैसे सामाजिक नेटवर्क बंद करो। क्योंकि बाबासाहेब को बोलने का अधिकार या अपना विचार रखने का अधिकार और अधिकारो का रक्षा किया।

10. चुनाव नहीं होना चाहिए क्योंकि चुनाव आयोग बाबासाहेब का एक उपहार है।

11. आपके सभी मौलिक अधिकारों और वोट के अधिकार को छीन लिया जाएगा क्योंकि यह बाबासाहेब का एक उपहार है।तो जो भी सरकार आएगी वह मनमानी करेगी। नरसंहार, दंगे, जबरन नसबंदी होगी। क्या आप इंदिरा गांधी के समय के एमरजेंसी को जानते हैं? जो इतिहास को नहीं जानता है, वह समझ जाएगा कि आपातकालीन अवधि क्या है।

12. किसानो को खेती जुडी सुविधा को बंद कर देना चाहिए क्योंकि “कृषि और कृषि सुधार” बाबासाहेब का एक देन है।

13. लगभग सभी कानूनों को निरस्त किया जाना चाहिए क्योंकि बाबासाहेब स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री थे।

14. महिलाओं को पुरुषों को मारने के लिए फिर से तैयार होना चाहिए क्योंकि यह बाबासाहेब ही थे जिन्होंने महिलाओं को सामाजिक प्रतिष्ठा और सामाजिक अधिकार दिए थे।

15. गर्भवती महिला को कोई भी मातृत्व अवकाश नहीं मिलेगा। क्योंकि यह बाबासाहेब की देन है। वास्तव में ऐसा नहीं करना चाहूंगा। यह सिर्फ आपको महसूस करने के लिए कह रहा हूं :)बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर को महिलाओं का आदर्श माना जाना था, लेकिन मनुवादी चाल के कारण और न जाने क्यों महिलाओं ने अंबेडकर को अपना आदर्श नहीं माना। जबकि महिलाओं की स्थिति भी बत्तर थी, सबसे निचले वर्ग की महिलाओं को सबसे अधिक लाभ और अधिकार मिला हैं।

बाबासाहेब जैसा व्यक्ति फिर कभी नहीं हो सकता।

सेवा जोहर। सेवा गोंडवाना।।


26 नवंबर संविधान दिवस | डॉ० बाबासाहब अंबेडकर

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